What is Mathematics and Definition of Mathematics। गणित क्या है तथा गणित की परिभाषा।

नमस्कार दोस्तों स्वागत है आपका एक और हिंदी ब्लॉग में जहां हम बात करेंगे गणित के बारे में की What is Mathematics गणित क्या है। Definition of Mathematics गणित की परिभाषा Mathematics Meaning In Hindi, Types of Mathematics आदि के बारे में जानेंगे।

 

What is Mathematics (गणित क्या है):- 

Mathematics
दैनिक जीवन में गणित का महत्व।

 

गणित एक प्रकार का अध्ययन क्षेत्र है जो संख्याओं, परिमाणों, मात्राओं के साथ साथ रिश्तो, गुणों, दिशाओं तथा विभिन्न प्रकार की संक्रिया का अध्ययन कराती है
यह एक प्रकार की गतिविधि जो गणना करना शिखाती है। इसके बारे में सभी गणितज्ञ ने अपने अपने अनुसार इसकी व्याख्या की है ।

Definition of Mathematics (गणित की परिभाषा):-

 

गणित के अन्तर्गत वे सभी घटनाएं आती है जिसमें जोड़ घटाव गुणा तथा भाग होता है।अत: इसकी परिभाषा कुछ इस प्रकार बता सकते है कि विज्ञान का वह विषय जिसमें संख्याओं, परिमाणों, अक्षरों आदि का नियम पूर्वक जोड़ना घटाना,गुणा तथा भाग किया जाए ऐसी विद्या गणित कहलाती है।
 

 

Types of Mathematics (गणित के प्रकार):-

गणित अध्ययन की दृष्टि से मुख्य रूप से तीन प्रकार का होता है

 

  1. अंकगणित
  2. बीजगणित
  3. ज्यामितीय

इसी के साथ साथ अध्ययन अध्यापन में गणित की कुछ उपशाखाएं भी समिलित होती है जो निम्नवत है

 

  1. त्रिकोणमिति
  2. सांख्यिकी
  3. कलन
  4. सदिश बीजगणित
  5. क्षेत्रमिति इत्यादि।

गणित की मुख्य शाखाओं का संक्षिप्त वर्णन

1-अंकगणित:-

यह गणित की उच्च शाखाओं में से एक है।यह दो शब्दो से मिलकर बना है -‘अंक (संख्याएं) तथा गणित’।अत: यहां से परिभाषा आती है कि गणित की वह शाखा जिसके अन्तर्गत संख्याओं (1,2,3…) का जोड़, घटाव, गुणा तथा भाग  का अध्ययन किया जाता है उस शाखा को अंकगणित कहते है।

 

2- बीजगणित :-

यह गणित की उच्च शाखाओं में से एक है इसका अध्ययन हम अंकगणित में समस्त गणितीय संक्रियो को शिखने के पश्चात करते है। अत: इसकी परिभाषा इस प्रकार से दी जा सकती है कि गणित की वह शाखा है जिसमें चर तथा अचर गणित संक्रिओ जैसे जोड़ घटाव,गुणा तथा भाग के द्वारा एक दूसरे से जुड़े होते है,बीजगणित कहलाता है।
जैसे:- 2x=4, 3y= 6, 2x+ 3y= 12

3-ज्यामितीय:-

यह गणित की तीसरी सबसे उत्कृष्ट शाखा है।प्राचीन समय में इस गणित के प्रयोग से भूमि पर आकृति बनाकर क्षेत्रफल निकाला जाता था।इसके अन्तर्गत रेखा, कोण, आयत, वृत्त जैसे बहुत सी आकृति है जिसका अध्ययन किया जाता है। अत: इसको हम इस प्रकार से परिभाषित कर सकते है कि गणित की वह शाखा जिसमें बहुत प्रकार की आकृति के बारे में सीखा जाता है, ज्यामितीय कहलाती है।
इस गणित के प्रश्नों को हल करने के लिए Theorem का प्रयोग करते है।

गणित की कुछ उपशाखाओ का संक्षिप्त वर्णन निम्नवत है

1-त्रिकोणमिति:-

त्रिकोणमिति दो शब्दो से मिलकर बना है-त्रिकोण+मिती।जिसका अर्थ होता है ‘त्रिभूज की भुजाओं का मापन करना‘। गणित के इस भाग को त्रिभूज से संबंधित ज्यामितीय समस्याओं को हल करने के लिए खोजा गया था।वर्तमान समय में इसका प्रयोग बहुत सारे क्षेत्रों में किया जा रहा है।इसका प्रयोग घरों में विद्युत परिपथ की डिजाइन बनाने में तथा समुंद्रो में आने वाली ज्वार की उचाई कितनी होगी यह अनुमान इससे लगाया जाता है।इसको प्रयोग में लाने से पहले समकोण त्रिभूज का ज्ञान अति आवश्यक है।

2-सांख्यिकी:-

सांख्यिकी को अंग्रेजी भाषा में Statistics कहा जाता है जो State शब्द से निकला है ।
सांख्यिकी का साधारण सा अर्थ -‘आंकड़ा‘ होता है।प्राचीन समय में राजाओं की जो नीति होती थी वो काफी मात्रा में आंकड़ों पर निर्भर होती थी जिसके कारण इस विषय को उस समय में ‘राज्य तंत्र का विज्ञान ‘या ‘राजाओ का विज्ञान’ कहते थे।
इसके अन्तर्गत आंकड़ों का माध्य, मद्धिका,बहुलक आदि शब्द आते है।

 

3-कलन:-

कलन मैथ्स का एक विशेष भाग है जिसमें फलनों के परिवर्तन का अध्ययन कराया जाता है।
कलन को दो भागों में बांटा गया है-
अवकलन तथा समाकलन
(अ) अवकलन:- किसी फलन की घातो को कम करने की प्रक्रिया अवकलन कहलाती है।
(ब) समाकलन:- अवकलन की व्युत्क्रम प्रक्रिया को समाकलन कहते है दूसरे शब्दो में , किसी संख्या की घात को बढ़ाने की प्रक्रिया को समाकलन कहते है।

 

4-सदिश बीजगणित:-

गणित विषय का वह भाग जिसके अन्तर्गत विभिन्न राशियों की परिमाण के साथ साथ दिशा का भी अध्ययन किया जाता है, सदिश बीजगणित कहलाता है।
विस्थापन,वेग,त्वरण तथा संवेग आदि वेक्टर के उदाहरण है।

5-क्षेत्रमिति:-

क्षेत्रमिति दो शब्दो से मिलकर बनी है- क्षेत्र+मिति। जिसका अर्थ है क्षेत्र मापना। अतः गणित का वह भाग जिसमें किसी आकृति के अन्तर्गत घिरे क्षेत्र का मापन कराया जाता है, क्षेत्रमिति कहलाती है।

 

गणित का महत्व :-

 

हमारे दैनिक जीवन में गणित :-

गणित एक ऐसा विषय है जो हमारे दैनिक जीवन में बहुत उपयोगी है।इसके बिना इस संसार में जन्मे मानव जाति के लोगों के जीवन की कल्पना करना भी व्यर्थ है।सोने से जागने तक हर जगह गणित है।हम कोई सामान लेने जाते है तो वहां भी हम अपनी गणित का उपयोग कर सकते है। कोई भी व्यक्ति चाहे जिस क्षेत्र में काम करता हो वह इस विषय के बिना नहीं कर सकता।यहां तक की यदि मैथ ना होती तो मानव सभ्यता का इतना विकास संभव नहीं था।हम सोकर उठते है तो घडी में समय देखते है, वहां भी मैथ ही प्रयोग होती है।जब हम बाइक कार या कोई भी वाहन चलाते है तो उसमें हम स्पीड मीटर देखते है वो भी संभव तो मैथ के अंकों की वजह से।हम मोबाइल से किसी दूसरे व्यक्ति से बात करते है तो वो भी केवल गणित की ही देन है। विश्व के समस्त देश की इकोनॉमी इसी तार्किक विषय पर ही टिकी होती है उससे होने वाले कैलकुलेशन में जो संक्रियाए प्रयोग में आती है वो गणित द्वारा विकसित की गई है।
अन्ततः जिस प्रकार जीवन के लिए ऑक्सीजन आवश्यक है उसी प्रकार जीवन को सुचारू रूप से चलाने के लिए मैथ अर्थात गणित आवश्यक है।

 

तार्किक विषय के रूप में :-

गणित एक ऐसा विषय है जिसका अंत कहीं नहीं है इसके विस्तार को कोई मानव समझ नहीं सकता ।गणित के अध्ययन से विद्यार्थी अपने दिमाग को तार्किक बना सकता है।वह अन्य क्षेत्रों को न पढ़ते हुए भी उसके बारे में ज्ञान प्राप्त कर सकता है।इस विषय के अध्ययन से सोचने समझने की क्षमता अत्यंत हो जाती है।तथा इसका अध्ययन करने से कोई भी विद्यार्थी अपने आने वाले समय में स्वयं को दीपक की भांति रोशन कर सकता है ।
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